MDH मसाले किंग धर्मपाल गुलाटी नहीं रहे!

हृदय गति रुकने से हुआ निधन

MDH मसाले किंग धर्मपाल गुलाटी नहीं रहे!
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MDH मसाले किंग नाम से मशहूर धर्मपाल गुलाटी, आज इस दुनिया को छोड़ कर जा चुके हैं,आज हम आपको बतायेगे, की कैसे उन्होंने एक छोटी सी  दुकान से आज  पूरे भारत में अपनी पहचान बनाई।

धर्मपाल गुलाटी का जन्म 27 मार्च 1923 को पाकिस्तान के सियालकोट में हुआ था | उनके पिता जी ने महाशिया दी हट्टी MDH के नाम से दुकान की  शुरुआत करी थी,, लेकिन 1947 विभाजन के बाद धर्मपाल गुलाटी भारत आ गये।
और वो कुछ समय अमृतसर के शरणार्थी शिविर में रहे।।

फिर वो दिल्ली आ गये और उन्होंने वहां पर अपने पिता के पैसों से तांगा खरीदा, और कुछ समय बाद मसालों की दुकान खोली,, दुकान अच्छी चलने लगी,, फिर उन्होंने 1959 में कंपनी की आधिकारिक तौर पर स्थापना की। देश भर में इनकी 15 फैक्ट्रियां और ये दुनियाभर में अपने उत्पाद बेचती है।

MDH कंपनी के मुताबिक वो अपने वेतन में से 90 प्रतिशत दान किया करते थे,उनके पिता के नाम पर एक ट्रस्ट भी है, जिसके द्वारा विधालय और अस्पताल चलाये जाते हैं। अपने मसालों का प्रचार भी वो खुद ही किया करते थे| पिछले वर्ष भारत के तीसरे सबसे बड़े सम्मान पद्मभूषण से उन्हें सम्मानित किया गया था, व्यापार और उद्योग में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए पूरा भारत इन्हें हमेशा याद रखेगा।