Vibhanshu Mishra “Thug”?’ Chalu Chinese और Banaraswala घर से घाट तक के मालिक पर धोखाधड़ी के गंभीर आरोप
घर से घाट तक… फिर फरारी? Marketing का जाल, अवॉर्ड्स का दिखावा’: Chalu Chinese–Banaraswala मालिक Vibhanshu Mishra ‘Thug’ होने के आरोपों में घिरे। मालिक पर फ्रॉड, नोएडा तक शिकायतों की चर्चा,
1. डिजिटल ग्लैमर, ‘ग्लोबल’ दावे और ज़मीनी हकीकत पर उठते सवाल Entrepreneur or Thug? Vibhanshu Mishra
चालू चाइनीज़, बनारसवाला और C-21 बिस्ट्रो से जुड़े कथित आरोपों की परतें
नई दिल्ली/नोएडा/अमरावती/पुणे (विशेष रिपोर्ट):
सोशल मीडिया और वेबसाइट्स पर आक्रामक ब्रांडिंग, “फर्स्ट इंडो-चाइनीज़ QSR ब्रांड गोइंग ग्लोबल” जैसे दावे और लगातार नए शहरों में लॉन्च घोषणाओं के बीच, चालू चाइनीज़, बनारसवाला – घाट से घर तक, C-21 Bistro और अन्य जुड़े ब्रांड्स को लेकर कई कथित आरोप सामने आ रहे हैं। इन आरोपों का केंद्र इन ब्रांड्स से जुड़े बताए जा रहे विभांशु मिश्रा हैं, जो स्वयं को संस्थापक/सीईओ बताते हुए बड़े नेटवर्क, अंतरराष्ट्रीय विस्तार और तेज़ ग्रोथ के दावे करते दिखते हैं।
2. बनारसवाला: ‘घाट से घर तक’—थीम, शहर और तेज़ घोषणाएँ
Banaraswala के सोशल मीडिया पेज पर “घाट से घर तक”, “Soul of Banaras” जैसे भावनात्मक टैगलाइन के साथ अमरावती और पुणे जैसे शहरों के लिए भव्य लॉन्च क्रिएटिव्स साझा किए गए।
आरोपों के अनुसार, लगातार नए शहरों की घोषणाएँ की गईं, पर कुछ पुराने दायित्वों—खासकर वेंडर पेमेंट्स—पर स्पष्ट अपडेट नहीं दिया गया। कुछ लोगों का कहना है कि इससे पहले के साझेदारों/सेवा-प्रदाताओं में असमंजस बढ़ा।
3. वेंडर्स के भुगतान को लेकर कथित शिकायतें
कुछ वेंडर्स और सर्विस प्रोवाइडर्स द्वारा ऑफ-द-रिकॉर्ड यह आरोप लगाए जा रहे हैं कि 4–6 महीनों तक भुगतान लंबित रहने के बाद भी समाधान नहीं हुआ। आरोपों के अनुसार, रिपोर्टेड पार्टियों ने ब्रांड विस्तार, बड़े किचन नेटवर्क और तेज़ स्केल-अप के वादों के भरोसे क्रेडिट पर काम किया, लेकिन भुगतान में देरी या कथित रूप से संपर्क टूटने जैसी स्थितियाँ बनीं।
इन दावों की स्वतंत्र जांच अभी शेष है।
4. मार्केटिंग रणनीतियों पर सवाल
आरोपों में यह भी कहा जा रहा है कि आक्रामक डिजिटल मार्केटिंग, पेड प्रमोशन्स और ब्रांड अवॉर्ड्स के ज़रिए भरोसा बनाया गया। कुछ सूत्रों का कहना है कि आकर्षक ऑफिस सेट-अप, बड़े नंबरों के दावे (जैसे मल्टी-किचन नेटवर्क) और तेज़ उद्घाटन घोषणाओं से वेंडर्स/पार्टनर्स को प्रभावित किया गया।
हालांकि, ये सभी बातें कथित हैं और तथ्यों की पुष्टि आवश्यक है।
5. लोकेशन बदलने और नए शहरों की घोषणाएँ, कानूनी स्थिति और पुलिस शिकायतों के दावे
कथित तौर पर, एक स्थान पर संचालन के बाद दूसरे शहरों में नए लॉन्च की घोषणाएँ तेज़ी से की गईं—जैसे अमरावती और पुणे के संदर्भ। कुछ लोगों की आशंका है कि इससे पहले के दायित्वों के निपटान को लेकर स्पष्टता नहीं दिखी।
फिर भी, इन आरोपों पर किसी आधिकारिक निष्कर्ष की घोषणा नहीं हुई है।
कुछ सूत्र नोएडा सेक्टर-58 में शिकायतें दर्ज होने का दावा करते हैं, परंतु इनकी स्वतंत्र पुष्टि और कानूनी स्थिति स्पष्ट होना बाकी बताया जा रहा है। कानूनन किसी भी आरोप को सिद्ध होना शेष है।
ब्रांड पहचान और व्यक्तिगत पृष्ठभूमि को लेकर दावे
कुछ लोगों द्वारा यह भी कहा जा रहा है कि ब्रांड की ‘बनारस’ पहचान और व्यक्तिगत पृष्ठभूमि को लेकर विरोधाभासी बातें सामने आती हैं। ये सभी आरोप मात्र हैं और प्रमाणित तथ्य नहीं।

उपलब्ध वेबसाइट क्रिएटिव्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स में कनाडा, नेपाल, UAE जैसे देशों में मौजूदगी/योजना के दावे दिखाई देते हैं। वहीं “200+ आउटलेट्स पैन इंडिया” और कई राज्यों—दिल्ली-NCR, पंजाब, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश—में उपस्थिति की बात कही जाती है।
आरोप यह लगाए जा रहे हैं कि इन दावों की स्वतंत्र सार्वजनिक पुष्टि स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे वेंडर्स और संभावित पार्टनर्स के बीच भ्रम पैदा हुआ।
6. C-21 Bistro: ‘Coming Soon’ से जुड़े सवाल
Instagram पर C-21 Bistro हैंडल पर “Coming Soon”, “Haunting Elegance”, प्रीमियम ड्रिंक्स/डाइनिंग विज़ुअल्स के साथ एक हाई-एंड अनुभव का वादा दिखता है। कुछ सूत्रों का आरोप है कि इस तरह के प्रोजेक्ट्स के ज़रिए पहले उत्सुकता और भरोसा बनाया गया, जबकि ऑपरेशनल डिटेल्स, फिजिकल लोकेशन और कानूनी अनुपालन को लेकर स्पष्टता सार्वजनिक नहीं की गई।
हालांकि, ये सभी बातें कथित हैं और तथ्यों की पुष्टि शेष है।
7. व्यक्तिगत पहचान को लेकर भी सवाल
कुछ सूत्रों का दावा है कि विभांशु मिश्रा स्वयं को बनारस से जुड़ा बताते रहे हैं, जबकि आरोपों के अनुसार उनका संबंध मध्य प्रदेश से बताया जा रहा है। हालांकि, यह भी कथित है और इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
8. भव्य ऑफिस, ‘650-किचन’ जैसे दावे और आकर्षक वादे
सूत्रों का यह भी कहना है कि भव्य ऑफिस सेट-अप, बड़े-बड़े दावे—जैसे “650 किचन”—और तेज़ विस्तार के वादों से निवेशकों व वेंडर्स को प्रभावित किया गया। आरोपों के अनुसार, इन दावों ने कई लोगों को क्रेडिट पर काम करने के लिए राज़ी किया, जिसके बाद भुगतान को लेकर विवाद खड़े हुए।
मनोवैज्ञानिक प्रभाव और युवाओं को निशाना बनाने के आरोप। कुछ लोगों का दावा है कि भरोसा बनाने के लिए एक बनावटी व्यक्तित्व और मनोवैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल किया गया। आरोपों के मुताबिक, स्टार्टअप्स और युवा उद्यमियों को विशेष रूप से निशाना बनाकर पीआर गतिविधियों के ज़रिए निवेश और सेवाएँ ली गईं, और बाद में संपर्क टूट गया।
9. अमरावती और पुणे में गतिविधियों की तैयारी की चर्चा, जागरूकता ही उद्देश्य
सूत्रों के अनुसार, अमरावती और पुणे में भी इसी तरह की गतिविधियाँ शुरू करने की तैयारी की जा रही थी। इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं।

यह लेख सिर्फ़ जनहित और जागरूकता के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है, ताकि लोग किसी भी व्यावसायिक संबंध में प्रवेश करने से पहले उचित जाँच-पड़ताल (due diligence) कर सकें।
सभी आरोप कथित हैं, और कानूनन सिद्ध होना शेष है। संबंधित व्यक्ति या संस्थाओं को अपना पक्ष रखने का पूरा अधिकार है, और यदि वे स्पष्टीकरण या दस्तावेज़ प्रस्तुत करना चाहें, तो उन्हें समान प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया जाएगा।
10. Editorial Disclaimer
संपादकीय डिस्क्लेमर यह रिपोर्ट public interest में, जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है। सभी आरोप कथित हैं और कानूनन सिद्ध होना शेष है। Vibhanshu Mishra / संबंधित ब्रांड्स यदि अपना पक्ष, दस्तावेज़ या स्पष्टीकरण साझा करना चाहें, तो NBTV उसे समान प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।


