⚠️ नोएडा की एक्सपोर्ट इंडस्ट्री का काला सच: वेंडर्स को दबाने और श्रम कानूनों की अनदेखी के आरोप, Fashion Makers Group पर गंभीर सवाल
नोएडा सेक्टर-63 की एक्सपोर्ट कंपनी Fashion Makers Group पर वेंडर्स को परेशान करने, श्रम कानूनों, ईएसआई-ईपीएफ उल्लंघन के गंभीर आरोप। कॉन्ट्रैक्ट उल्लंघन और श्रम कानूनों की अनदेखी के आरोप, जांच की मांग। वेंडर्स को दबाने, श्रम कानूनों की अनदेखी और रसूख के खेल के गंभीर आरोप
1. Noida Fashion Makers Group पर फिर उठे सवाल
नोएडा (उत्तर प्रदेश):
देश की राजधानी से सटे नोएडा को इंडस्ट्रियल और एक्सपोर्ट हब के रूप में जाना जाता है, लेकिन इसी चमक-दमक के पीछे श्रम शोषण, वेंडर्स के उत्पीड़न और कानूनों की अनदेखी के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। ताज़ा मामला नोएडा सेक्टर-63 स्थित एक्सपोर्ट कंपनी Fashion Makers Group (FMG) से जुड़ा है, जिस पर हाउसकीपिंग, सिक्योरिटी और मैनपावर सेवाएं देने वाली एजेंसियों को कथित रूप से परेशान करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
2. लिखित समझौता, फिर भी सेवाएं अचानक बंद!
पीड़ित वेंडर के अनुसार, कंपनी के साथ एक वैध लिखित अनुबंध के तहत हाउसकीपिंग सेवाएं शुरू की गई थीं। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ ही दिनों के भीतर बिना किसी लिखित नोटिस, कारण या औपचारिक प्रक्रिया के सेवाएं रोक दी गईं।
वेंडर का दावा है कि इस फैसले से कर्मचारियों की सैलरी, ईएसआई और ईपीएफ जैसी वैधानिक जिम्मेदारियों पर सीधा संकट खड़ा हो गया।
3. छोटे वेंडर्स पर दबाव, बड़ी कंपनियां बेपरवाह?
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस तरह की कार्यप्रणाली से छोटे और मध्यम सेवा प्रदाता गंभीर आर्थिक और कानूनी संकट में फंस जाते हैं, जबकि बड़ी कंपनियां जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लेती हैं।
आरोप है कि भुगतान रोकना, कॉन्ट्रैक्ट अचानक खत्म करना और कानूनी डर दिखाना—यह सब एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है।
4. पहले भी उठ चुकी हैं आवाज़ें, पर कार्रवाई क्यों नहीं?
सूत्र बताते हैं कि Fashion Makers Group से जुड़ी यह पहली शिकायत नहीं है। इससे पहले भी
सिक्योरिटी गार्ड्स
हाउसकीपिंग स्टाफ
मैनपावर एजेंसियों
द्वारा ईएसआई, ईपीएफ और श्रम कानूनों से जुड़ी अनियमितताओं के आरोप लगाए जा चुके हैं।
हालांकि, आरोप यह भी है कि कई मामलों में शिकायतें दबा दी गईं या फाइलों में ही सिमट कर रह गईं।
5. नोएडा में बन चुका है ‘कॉमन पैटर्न’?
श्रम संगठनों और वेंडर्स का कहना है कि नोएडा के कई इंडस्ट्रियल सेक्टरों में यह एक आम चलन बन चुका है, जहां:
पहले सेवाएं ली जाती हैं
फिर भुगतान और कॉन्ट्रैक्ट पर सवाल खड़े किए जाते हैं
ईएसआई-ईपीएफ की जिम्मेदारी वेंडर पर डाल दी जाती है
और अंत में रसूख का हवाला देकर दबाव बनाया जाता है
6. कंपनी मालिक के व्यवहार पर भी सवाल
शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि कंपनी के मालिक राकेश जैन द्वारा कथित तौर पर वेंडर्स और कर्मचारियों के साथ अपमानजनक व्यवहार किया जाता है और अपनी पहुंच व प्रभाव का हवाला देकर दबाव बनाया जाता है।
हालांकि, यह सभी आरोप शिकायतकर्ता पक्ष के हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
⚖️ श्रम विभाग, ईएसआई-ईपीएफ से सख्त जांच की मांग
अब वेंडर्स और श्रमिक संगठनों की ओर से
श्रम विभाग
ईएसआई
ईपीएफ
और अन्य संबंधित प्राधिकरणों
से मांग की जा रही है कि Fashion Makers Group समेत ऐसी कंपनियों की निष्पक्ष और गहन जांच हो, ताकि यह साफ हो सके कि श्रम कानूनों का पालन हो रहा है या नहीं।
❓ सवाल जो जवाब मांगते हैं
क्या नोएडा में एक्सपोर्ट कंपनियां कानून से ऊपर हैं?
क्या वेंडर्स को डराकर चुप कराया जा रहा है?
क्या श्रम विभाग की भूमिका सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है?
7. कंपनी की प्रतिक्रिया का इंतजार
इस पूरे मामले पर फिलहाल कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
NBTV कंपनी का पक्ष जानने का प्रयास कर रहा है। जैसे ही प्रतिक्रिया मिलेगी, उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।


