इंदिरापुरम के ‘सिंघम’ रवेंद्र गौतम को गणतंत्र दिवस पर मिलेगा पुलिस महानिदेशक का प्रशंसा चिन्ह
गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर गाजियाबाद पुलिस के जांबाज़ निरीक्षक रवेंद्र गौतम को पुलिस महानिदेशक का रजत प्रशंसा चिन्ह दिया जाएगा। इंदिरापुरम में अपराध पर सख़्ती और बेहतर कानून व्यवस्था के लिए चर्चित ‘सिंघम’ की इस उपलब्धि से पुलिस विभाग में उत्साह है।
इंदिरापुरम के ‘सिंघम’ को मिलेगा पुलिस महानिदेशक का प्रशंसा चिन्ह, गाजियाबाद पुलिस के जांबाज़ अफसर रवेंद्र गौतम का सम्मान
गाजियाबाद।

कानून-व्यवस्था को लेकर सख़्ती, अपराधियों पर तेज़ कार्रवाई और जनता के बीच भरोसे का नाम—इंदिरापुरम में जिस पुलिस अफसर को लोग प्यार से ‘सिंघम’ कहते हैं, वही निरीक्षक ना०पु० श्री रवेंद्र गौतम अब पुलिस विभाग के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक से नवाज़े जाने वाले हैं।
गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट के अनुसार, निरीक्षक रवेंद्र गौतम को पुलिस महानिदेशक का प्रशंसा चिन्ह (रजत) प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट, अनुकरणीय और जनहित में प्रभावी कार्यों के लिए दिया जा रहा है।

इंदिरापुरम में ‘सिंघम’ क्यों कहलाते हैं रवेंद्र गौतम?
इंदिरापुरम क्षेत्र में तैनाती के दौरान निरीक्षक रवेंद्र गौतम ने जिस तरह से अपराध पर लगाम कसी, उससे न केवल अपराधियों में खौफ पैदा हुआ, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना भी मजबूत हुई। चाहे रात की गश्त हो, संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई या फिर आम लोगों की शिकायतों पर बिना देरी संज्ञान लेना—रवेंद्र गौतम की कार्यशैली उन्हें भीड़ से अलग खड़ा करती है। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों के बीच उनकी पहचान एक ऐसे अफसर के रूप में है, जो वर्दी को सत्ता नहीं, सेवा का माध्यम मानते हैं।
डीजीपी प्रशंसा चिन्ह: आसान नहीं होता यह सम्मान
पुलिस महानिदेशक का प्रशंसा चिन्ह केवल औपचारिक सम्मान नहीं होता। यह उन अधिकारियों को दिया जाता है जिनका रिकॉर्ड, व्यवहार, निर्णय क्षमता और फील्ड पर प्रदर्शन लगातार उच्च स्तर का रहा हो।
निरीक्षक रवेंद्र गौतम का इस सूची में शामिल होना यह साबित करता है कि उनका काम सिर्फ़ चर्चा में नहीं, बल्कि आधिकारिक मूल्यांकन में भी खरा उतरा है।
पुलिस विभाग में सम्मान का माहौल

गाजियाबाद पुलिस के भीतर इस सम्मान को लेकर सकारात्मक माहौल है। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि रवेंद्र गौतम जैसे फील्ड अफसर विभाग की वास्तविक ताकत होते हैं, जो बिना प्रचार के ज़मीनी स्तर पर परिणाम देते हैं।
यह सम्मान न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे पुलिस बल के लिए एक संदेश भी है कि ईमानदारी, अनुशासन और जनता के प्रति संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।

युवाओं और पुलिस बल के लिए प्रेरणा
निरीक्षक रवेंद्र गौतम की यह उपलब्धि उन युवा पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणा है जो सेवा में आकर वास्तविक बदलाव लाना चाहते हैं। उनका करियर यह दिखाता है कि अगर नीयत साफ़ हो और काम में दम हो, तो पहचान अपने आप बनती है।
निरीक्षक रवेंद्र गौतम को इस सम्मान के लिए हार्दिक बधाई। उम्मीद है कि ‘इंदिरापुरम के सिंघम’ आगे भी इसी साहस, ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ जनता की सुरक्षा करते रहेंगे।


